देहरादून।
स्पर्श हिमालय विश्वविद्यालय एवं हिमालयीय आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में विद्या की देवी माँ सरस्वती का पर्व श्रद्धा एवं उत्साह से मनाया गया। संपूर्ण परिसर ज्ञान, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना से ओतप्रोत नजर आया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रतिकुलपति डॉ राकेश सुंदरियाल ने दीप प्रज्वलित एवं छात्रों द्वारा सरस्वती वाचन के साथ हुआ।
इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉक्टर राकेश सुंदरियाल ने कहा कि— “बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, चेतना और नवसृजन का उत्सव है। यह हमें विद्या, संस्कार और राष्ट्रनिर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है I
इस अवसर पर योग विभाग की छात्रा रश्मि ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की I कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक जे.डी. कोठियाल ने
विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित न रखें, बल्कि उसे चरित्र निर्माण, सेवा भाव और समाज के उत्थान से जोड़ें।
कार्यक्रम में बी.एन.वाई.एस. के विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी गई। वहीं डॉ. महेश जगोटा एवं डॉ. आनंद मोहन जोशी द्वारा प्रस्तुत गढ़वाली गीत ने कार्यक्रम में लोकसंस्कृति की सुंदर छटा बिखेर दी।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डीन अकादमिक प्रो. राजुल दत्त ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी के संदेश को आत्मसात करते हुए सकारात्मक सोच और नवचेतना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संस्था के सचिव श्री बालकृष्ण चमोली, कुलसचिव श्री अरविंद अरोड़ा, प्रो. अरविंद गुप्ता, प्रो निधि गर्ग, नर्सिंग प्राचार्य डॉ. अंजना विलियम्स, डॉ. नवीन जसोला सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकगण एवं गैर-शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ साक्षी कोठियाल ने किया I कार्यक्रम में आयोजन समिति की संयोजक डॉ मनीषा अग्रवाल, डॉ निधि उप्रेती, डॉ आरती, डॉ विपिन भट्ट आदि उपस्थित रहे I
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